नई दिल्ली, 27 अगस्तः "अबके हम बिछड़े तो शायद कभी ख्वाबों में मिले, जिस तरह सूखे हुए फूल किताबों में मिले" ख्वाबों में मिलने का वायदा कर हर दिल अजीज़ शायर ...
परिचय और अभिवादन के लिए हम दोनों ने लगभग एक साथ हाथ बढ़ाया। हथेली और उंगलियों के जोशीले स्पर्श के बाद मैने अपना हाथ को पीछे खींचना चाहा, पर उसने ...
प्रेमचंद की जयंती पर विशेषजमींदारी, कर्जखोरी, गरीबी और उपनिवेशवाद को उकेरने वाले आदर्शोन्मुख यथार्थवादी साहित्य के कालजयी रचनाकार प्रेमचंद को बांग्ला साहित्यकार शरतचंद्र चट्टोपाध्याय ने उपन्यास सम्राट का नाम दिया था। कोलकाता में वणिक प्रेस ...
अदम जगायेव्स्की की कुछ कविताएंपोलिश भाषा के महत्वपूर्ण कवि अदम जगायेव्स्की की कुछ कविताएं पढिये, जिसके बारे में चार्ल्स सिमिक ने 'न्यूयार्क रिव्यु आफ़ बुक्स' में लिखा था - 'ये कविताएं उन क्षणों का उत्सव ...
आप्रवासन मेरा प्रिय विषयः अमिताव
अपने शोधपरक उपन्यास के लिए चर्चित अमिताव घोष इन दिनों अपने नए उपन्यास के कारण एक बार फिर चर्चा में हैं। उनका कहना है कि यह उनका अब तक का सबसे ...
पवन चौधरी की किताब का एक अंश
अंग्रेजी के पाठकों पर खास प्रभाव छोड़ चुकी 'ह्वेन यू आर सिन्किंग बिकम ए सब्मरीन' नामक पुस्तक अब हिन्दी के पाठकों के लिए भी सुलभ हो रही है। इस पुस्तक का ...
बॉलीवुड संगीतः कहां-कहां से गुजर गए..
सन 1931 की फिल्म 'आलम आरा' से लेकर अब तक रिलीज हुई फिल्मों पर नजर डालें तो पाएंगे कि गाने हिंदी फिल्मों का अटूट हिस्सा बन चुके हैं। जहांआरा कज्जान के ...
तेंडुलकर के लिए हिंसा एक प्रतीक
विजय तेंडुलकर ने अपने नाटकों के जरिए हमेशा यह कहने की कोशिश की है कि जिस समाज में हम रहते हैं वह हिंसा और क्रूरता से भरी हुई है। उन्होंने अपने ...
सचमुच उपेक्षित हैं हिन्दी के लेखक?
पता नहीं इस अविश्वास को विश्वास का जामा हम क्यों पहना देते हैं कि साहित्यकार उपेक्षित और बदहाल होता है। साहित्यकार के पास न खाने को कु्छ होता है न पहनने ...
खामोशी में खो गई तबले की थाप
अपनी उपस्थिति से संगीत की महफिल लूट लेने वाले पंडित किशन महाराज विश्व पटल पर तबले को एक शानदार मुकाम और शोहरत दिलाने में अपने योगदान के लिए हमेशा याद किए ...